-
788
छात्र -
545
छात्राएं -
54
कर्मचारीशैक्षिक: 50
गैर-शैक्षिक: 4
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय विद्यालय , राष्ट्रपति संपदा , नई दिल्ली के बारे में
उत्पत्ति
डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय विद्यालय राष्ट्रपति संपदा, नई दिल्ली के अंदर स्थित है। यह विद्यालय दिल्ली के केंद्र स्थान पर है। इस विद्यालय की स्थापना 1946 में ब्रिटिश शासन के दौरान प्राथमिक विद्यालय के रूप में की गई थी। 1949 में इसे कमिश्नर, दिल्ली को सौंप दिया गया, फिर 1952 में इसे ....
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
जिज्ञासा की लौ जलाने, समग्र विकास को बढ़ावा देने और नवाचार, करुणा और वैश्विक नागरिकता का प्रतीक भावी नेताओं का पोषण करने के लिए प्रतिबद्ध एक अग्रणी शैक्षणिक संस्थान की स्थापना करना। हमारा दृष्टिकोण एक जीवंत शिक्षण समुदाय बनाना है जो विविधता का जश्न मनाता है,....
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
जिज्ञासा की लौ को प्रज्वलित करने, समग्र विकास को बढ़ावा देने और नवाचार, करुणा और वैश्विक नागरिकता को अपनाने वाले भावी नेताओं का पोषण करने के लिए प्रतिबद्ध एक अग्रणी शैक्षणिक संस्थान की स्थापना करना। हमारा दृष्टिकोण एक जीवंत शिक्षण समुदाय बनाना है जो विविधता का जश्न मनाता है, रचनात्मकता को प्रदान करना है...।
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्री. वरुण म मित्रा
उप आयुक्त
“शिक्षा सोच को आकार देती है, चरित्र का निर्माण करती है और राष्ट्र को मज़बूत बनाती है।” तेज़ी से हो रही तकनीकी प्रगति और अभूतपूर्व बदलावों के इस दौर में, शिक्षा केवल ज्ञान हासिल करने तक सीमित नहीं है; यह चरित्र, रचनात्मकता, क्षमता और संवेदना को विकसित करने का माध्यम है। केंद्रीय विद्यालय संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय दिल्ली, उत्कृष्टता के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता के साथ, एक प्रगतिशील, समावेशी और जागरूक भारत की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहा है। केंद्रीय विद्यालय हमेशा से ही सीखने, अनुशासन, विविधता और राष्ट्रीय एकता के जीवित उदाहरण रहे हैं, जहाँ पढ़ाई-लिखाई में बेहतरीन प्रदर्शन के साथ-साथ खेल, कला, संस्कृति, टेक्नोलॉजी और जीवन-कौशल पर भी ध्यान दिया जाता है। हमारी कोशिश ऐसे नागरिक तैयार करने की है जो आत्मविश्वासी, संवेदनशील, मुश्किलों का सामना करने वाले, ज़िम्मेदार और भविष्य के लिए तैयार हों। इस सोच को ध्यान में रखते हुए, हमारे विद्यालय, शिक्षा का ऐसा श्रोत हैं जहाँ बच्चे सवाल पूछतें है , प्रयोग करते है , नई चीज़ें खोजते है , मिलकर काम करते है और कुछ नया सिखते और बनाते हैं । नई टेक्नोलॉजी नन्ही सोंच को सीखने में मदद करती है और शिक्षक मार्गदर्शक की भूमिका निभाते है जो शिक्षार्थी को ज्ञान और उनके सपनों को कामयाबी में बदलने के लिए प्रेरित करते है। शिक्षक भविष्य के निर्माता और बदलाव लाने वाले होते हैं। नई शिक्षा निति 2020 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उनका लगातार प्रोफेशनल डेवलपमेंट, पढ़ाने का नया और अनोखा तरीका और हर सीखने वाले के प्रति समर्पण बहुत ज़रूरी है। जैसे-जैसे हम ‘विकसित भारत’ के विज़न की ओर बढ़ रहे हैं, आइए हम हर केंद्रीय विद्यालय को क्रिएटिविटी, अच्छे चरित्र और क्षमता का केंद्र बनाने का संकल्प लें, जहाँ हर बच्चा अपनी काबिलियत को पहचाने और हर शिक्षक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करने में सक्षम हो। आइए, हम पूरे विश्वास, सहयोग और प्रतिबद्धता के साथ मिलकर एक ऐसा शैक्षिक माहौल बनाएं जहाँ हर सीखने वाला आगे बढ़ सके, हर प्रतिभा को निखरने का मौका मिले,हर सपने को सही दिशा मिले और वह सफलता के नए शिखरों को छुएँ। केन्द्रीय विद्यालय संगठन एक समृद्ध, प्रेरणादायी एवं समावेशी शिक्षण वातावरण प्रदान करता है, जहाँ विद्यार्थी अपने सपनों को साकार करने, अपनी प्रतिभा को निखारने तथा ज्ञान, कौशल और मूल्यों से सुसज्जित होकर अपने उज्ज्वल भविष्य को आकार देने के लिए निरंतर प्रेरित होते हैं। मैं, सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल, सफल एवं सार्थक भविष्य की हार्दिक मंगलकामना करता हूँ। वे लगातार सीखते रहें, आगे बढ़ें, बेहतरीन प्रदर्शन करें और देश के विकास में सार्थक योगदान दें। जय हिंद!
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श्री कृष्ण कुमार दुबे
प्राचार्य
प्रिंसिपल की डेस्क से... डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय विद्यालय के गौरवान्वित प्राचार्य के रूप में, मैं अपने सभी छात्रों, अभिभावक समुदाय और सभी आगंतुकों को हार्दिक बधाई देते हुए रोमांचित हूं| डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय विद्यालय में, हम एक पोषण और प्रेरक वातावरण प्रदान करने के लिए समर्पित हैं जहां प्रत्येक छात्र शैक्षणिक, सामाजिक और भावनात्मक रूप से आगे बढ़ सके। हम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में उल्लिखित लक्ष्यों के साथ तालमेल बिठाते हुए उत्कृष्टता के संस्थान में बदलने के लिए एक मिशन मोड पर हैं। शैक्षणिक कठोरता, समग्र विकास और समावेशिता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता हमारे शैक्षिक दर्शन की आधारशिला है। हमारे स्कूल में एक जीवंत माहौल है जहां कक्षाओं के भीतर और बाहर आकर्षक गतिविधियों, इंटरैक्टिव पाठों और अनुभवों के माध्यम से सीखना जीवंत होता है जो छात्रों को जन्मजात क्षमताओं की खोज करने, लक्ष्य निर्धारित करने, मिशन ढूंढने, उत्कृष्टता प्राप्त करने की आकांक्षाएं रखने और उनकी पूर्ति के लिए अथक प्रयास करने में सहायता करता है। हम प्रत्येक छात्र की प्रतिभा और जुनून का पोषण करने, उत्कृष्टता, नवाचार और सहयोग की संस्कृति को बढ़ावा देने में विश्वास करते हैं जहां विविधता का जश्न मनाया जाता है और सभी आवाजों को महत्व दिया जाता है। चार साल पहले, 1 जुलाई, 2019 को हमने उत्कृष्टता की ओर इस यात्रा की शुरुआत की और शिक्षा के बदलते परिदृश्य के माध्यम से आगे बढ़े। केवल चार वर्षों की अवधि में, हमारे प्रतिबद्ध संकाय ने कई मील के पत्थर हासिल किए, जो छात्रों को प्रेरित करने, सलाह देने और मार्गदर्शन करने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। स्कूल में बिताए गए वर्ष छात्रों के लिए बुनियादी मूल्यों, कार्य नैतिकता और सीखने के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। इस दृष्टिकोण और मिशन में माता-पिता हमारे सक्रिय भागीदार हैं। हम अभिभावकों, छात्रों और समुदाय के सदस्यों को भविष्य के नेताओं और नवप्रवर्तकों की अगली पीढ़ी को आकार देने और प्रेरित करने के हमारे मिशन में सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। आइए हम सब मिलकर अपने छात्रों को उनकी पूरी क्षमता तक पहुंचने और दुनिया पर सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए सशक्त बनाएं। हमारी वेबसाइट देखने के लिए धन्यवाद। हम आपको डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय विद्यालय में उपलब्ध कई अवसरों का पता लगाने और यह जानने के लिए आमंत्रित करते हैं कि हमारे स्कूल को सीखने और बढ़ने के लिए एक विशेष स्थान क्या बनाता है। डॉ चारु शर्मा प्रधानाचार्य
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- कक्षा XI– अनंतिम प्रवेश सूची और निर्देश (सत्र 2026-27) नई
- सत्र 2026-27 के लिए बालवाटिका 1 की चौथी अनंतिम सूची (Admission Date: 24.04.2026 to 25.04.2026) नई
- सत्र 2026-27 के लिए बालवाटिका -1 की तीसरी अनंतिम प्रवेश सूची (Admission Date: 21.04.2026 से 24.04.2026) नई
- सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 1 और बालवाटिका 1 में प्रवेश के लिए दूसरी अनंतिम सूची (Admission Date: 17.04.2026 to 20.04.2026) नई
- सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 6 में प्रवेश के लिए अनंतिम प्रवेश सूची नई
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'रीड एंड राइज': अभिनव पठन परियोजना
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माननीय शिक्षा मंत्री के साथ ध्रुव कक्षा 9 का छात्र
दसवीं कक्षा के छात्र ध्रुव माननीय शिक्षा मंत्री से बातचीत करते हुए
'रीड एंड राइज': अभिनव पठन परियोजना
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माननीय प्रधानमंत्री के साथ आशीष वर्मा
आशीष वर्मा, बारहवीं कक्षा, भारत के माननीय प्रधान मंत्री को एआई में अपने प्रोजेक्ट का प्रदर्शन करते हुए
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सीबीएसई बोर्ड परीक्षा दसवीं और बारहवीं कक्षा
10वीं कक्षा
12वीं कक्षा
विद्यालय परिणाम
सत्र 2025-26
98 में से 98 उतीर्ण हुए
सत्र 2024-25
84 में से 84 उत्तीर्ण हुए
सत्र 2023-24
67 में से 67 उत्तीर्ण हुए
सत्र 2022-23
98 में से 98 उत्तीर्ण हुए
सत्र 2025-26
103 में से 102 उतीर्ण हुए
सत्र 2024-25
116 में से 116 उत्तीर्ण हुए
सत्र 2023-24
114 में से 114 उत्तीर्ण हुए
सत्र 2022-23
111 में से 111 उत्तीर्ण हुए